भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन की कथित अवैध बिक्री और दाखिल-खारिज प्रक्रिया में अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। सिंधिया मकंदपुर निवासी ममता सिंह ने इस मामले को लेकर नवगछिया न्यायालय में नालसीवाद दायर किया है। इस वाद में गोपालपुर के अंचलाधिकारी रौशन कुमार सहित कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पीड़िता ममता सिंह का आरोप है कि धरहरा मौजा स्थित खाता संख्या 1210 के अंतर्गत खेसरा संख्या 529, 539 और 526 में दर्ज करीब 4 एकड़ 29 डिसमिल पुश्तैनी जमीन का अब तक परिवार के बीच विधिवत बंटवारा नहीं हुआ है। इसके बावजूद उनकी ननद रिंकी कुमारी ने कथित रूप से उनके हिस्से की जमीन विकास कुमार भारती और शुभम कुमार को बेच दी।
ममता सिंह का कहना है कि जब उन्हें इस बिक्री की जानकारी मिली तो उन्होंने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान विधिवत आपत्ति दर्ज कराई थी। बावजूद इसके, उनकी आपत्ति पर समुचित सुनवाई नहीं की गई और एकतरफा आदेश पारित कर दिया गया। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने पहले थाना स्तर पर भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः न्याय पाने की उम्मीद में उन्होंने नवगछिया न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अब यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत में सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भूमि विवाद और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, सभी की निगाहें कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से इस बहुचर्चित जमीन विवाद मामले में महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
