नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित बलात्कार एवं विभिन्न मामलों में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और उनके भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है और उसे (निचली अदालत को) मामले पर नये सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा कि निचली अदालत को, प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने वाले मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को खारिज करने से पहले संदिग्ध आरोपियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देना चाहिए था। अदालत ने हुसैन बंधुओं की याचिका पर अपने हालिया आदेश में कहा कि 31 मई 2022 के विवादित निर्णय को रद्द किया जाता है।

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