बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भारत माला प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच जमकर बवाल हुआ। लहलहाती फसल पर बुलडोजर चलाए जाने का विरोध कर रहे किसानों की मजिस्ट्रेट से तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने 12 किसानों को हिरासत में ले लिया। पूरा मामला दीदारगंज के सुकूलपुर इलाके का है, जहां आमस-दरभंगा फोर लेन सड़क निर्माण का कार्य जारी है।
दरअसल, भारत माला प्रोजेक्ट के तहत आमस से दरभंगा तक 119D फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इसी परियोजना के तहत पटना के दीदारगंज स्थित सुकूलपुर फोर लेन से सैदनपुर एसएच-78 तक करीब 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। गुरुवार, 19 मार्च 2026 को प्रशासन की टीम अधिग्रहित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंची।
जैसे ही बुलडोजर सुकूलपुर के आगे खासपुर गांव और पुनडीह नाथाचक इलाके के खेतों में पहुंचा, वहां मौजूद किसानों ने उसे रोक दिया। किसानों का आरोप था कि उनकी लहलहाती फसल को जबरन नष्ट किया जा रहा है और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिला है।
मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट सुनील कुमार और किसानों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मजिस्ट्रेट ने कई किसानों को हिरासत में लेने का आदेश दिया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
किसान नेता देवकुमार सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार चुकंदर जैसी कीमती फसल को जानबूझकर नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के बावजूद किसानों को संतोषजनक मुआवजा नहीं दिया गया है।
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है और 75 प्रतिशत तक राशि बढ़ाकर भुगतान किया जाएगा। इसके बावजूद जब किसान नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया और करीब 12 किसानों को हिरासत में ले लिया।
अंततः पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अधिग्रहित भूमि पर बुलडोजर चलाकर सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
