झारखंड के बोकारो जिले में जिला कोषागार से पुलिस विभाग के दारोगा के नाम पर वेतन मद में 3 करोड़ 15 लाख रुपये की फर्जी निकासी का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए बोकारो पुलिस ने पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को मंगलवार सुबह जेल भेज दिया गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी कौशल पांडे ने मिलीभगत कर अपनी पत्नी अनु पांडे के बैंक खाते में फर्जी तरीके से रकम ट्रांसफर की थी। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए रिटायर्ड दारोगा उपेंद्र सिंह के नाम का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को शक न हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। अजय नाथ झा के निर्देश पर हरविंदर सिंह ने खुद जांच की जिम्मेदारी संभाली। प्रारंभिक जांच के दौरान सिटी पुलिस ने सोमवार रात आरोपी को हिरासत में लेकर सिटी थाना में पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान में कार्यरत किसी भी दारोगा के वेतन से कोई निकासी नहीं हुई है, बल्कि रिटायर्ड दारोगा के नाम का दुरुपयोग कर यह फर्जी निकासी की गई।
सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम की निकासी में सिर्फ एक अकाउंटेंट की भूमिका होना संदिग्ध माना जा रहा है। क्योंकि पुलिस लाइन से मास्टर रोल तैयार होकर अकाउंटेंट कार्यालय पहुंचता है और मुख्यालय डीएसपी की स्वीकृति के बाद ही भुगतान के लिए ट्रेजरी भेजा जाता है।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।
