स्वर्गीय डॉ. विशेश्वर खाँ की 107वीं जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को नाला स्थित पीडब्ल्यूडी भवन में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस सामाजिक पहल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा रहीं, जिन्होंने फीता काटकर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया।
आयोजकों के अनुसार, शिविर में कुल 20 स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया। जामताड़ा ब्लड बैंक की टीम ने सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहण सुनिश्चित किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना और लोगों के बीच रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को ‘महादान’ बताते हुए लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियों को बचा सकता है, इसलिए हर सक्षम व्यक्ति को इस पुनीत कार्य में भाग लेना चाहिए।
सोसाइटी के सचिव रथिन घोष ने बताया कि डॉ. खाँ की जयंती पर हर वर्ष सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि जागरूकता गांव-गांव तक पहुंचे। वहीं सह-सचिव गौतम खाँ ने कहा कि संस्था डॉ. खाँ के आदर्शों पर चलते हुए समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय है, जिसमें नि:शुल्क नेत्र जांच, चश्मा वितरण और गरीब छात्रों को सहयोग देना शामिल है।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. खाँ के पैतृक गांव लायकापुर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। साथ ही नेत्र सर्जरी करा चुके 74 मरीजों को नि:शुल्क चश्मे भी वितरित किए गए।
इस मौके पर उप प्रमुख समर माजी, जिप सदस्य रीना मंडल, गुलशन अली, कन्हाई माल पहाड़िया, भजहरि मंडल, जिला उपाध्यक्ष पंकज झा, राजू राय, सजल दास, तन्मय घोष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बना।
नाला/जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट:
