बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिल रही है। Patna से पूर्णिया तक बनने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार से वित्तीय मंजूरी मिल गई है, जिससे इसके निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।
करीब 31,987 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे लगभग 244.96 किलोमीटर लंबा होगा। इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें सरकार 40% और निजी कंपनियां 60% निवेश करेंगी। इस मॉडल के तहत निर्माण एजेंसी टोल टैक्स के माध्यम से अपनी लागत की वसूली करेगी।
इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद से की दूरी महज 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जो वर्तमान समय की तुलना में काफी कम है। इससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और व्यापार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें कुल 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, कई रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि यातायात बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सके। साथ ही , और को जोड़ने के लिए अलग संपर्क मार्ग भी विकसित किए जाएंगे।
इस एक्सप्रेसवे से , और जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही और तक यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।
गौरतलब है कि यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा, जो पूरी तरह राज्य की सीमा के भीतर बनेगा। वर्ष 2025 में स्वीकृति मिलने के बाद इसका लक्ष्य 2028 तक निर्माण पूरा करने का रखा गया है। अब वित्तीय मंजूरी मिलने से उम्मीद है कि काम तेजी से आगे बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में बिहार के विकास की तस्वीर बदल जाएगी।
