रोहतास: अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और महंगी किताबों का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है, या फिर हुनर होने के बावजूद औजारों की कमी से स्वरोजगार शुरू नहीं कर पा रहे हैं, तो अब चिंता की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार युवाओं को मुफ्त स्टडी किट और टूल्स किट उपलब्ध करा रही है, वह भी बिना किसी फीस और कर्ज के बोझ के।
श्रम संसाधन विभाग की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और बेरोजगारी कम करना है। स्टडी किट के तहत यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें और अध्ययन सामग्री मुफ्त दी जा रही है।
डालमियानगर की रश्मि और अकोढ़ी गोला के राहुल जैसे कई युवाओं को इस योजना से नई उम्मीद मिली है। आर्थिक तंगी के कारण जहां उनके सपने अधूरे पड़ रहे थे, वहीं सरकार की मदद से अब वे तैयारी जारी रख पा रहे हैं।
वहीं स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार टूल्स किट भी दे रही है। इसमें इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मोबाइल रिपेयरिंग, फिटिंग, ब्यूटीशियन और इलेक्ट्रॉनिक जैसे कई ट्रेड शामिल हैं। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनके काम के अनुसार जरूरी औजार मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्टडी किट के लिए आवेदक का बिहार का निवासी होना, उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होना और परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होना जरूरी है। साथ ही जिला नियोजन कार्यालय या एनसीएस पोर्टल पर कम से कम 6 महीने पहले निबंधन होना अनिवार्य है। टूल किट योजना में उम्र सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है और तकनीकी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जरूरी होगा।
आवेदन के लिए इच्छुक उम्मीदवार अपने जिले के नियोजन कार्यालय में जाकर निवास, आय, शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। योजना में दिव्यांग, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह योजना युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही है।


