भागलपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के दौरान मिसाइल हमले में मारे गए देवनंदन प्रसाद सिंह का शव 20 दिन बाद उनके घर मशाकचक पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

 

मृतक देवनंदन प्रसाद सिंह बिश्नोई कंपनी के जहाज पर एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वे इरान से जहाज लेकर भारत लौट रहे थे। इसी दौरान होर्मुज की खाड़ी के पास उनके जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

 

घटना के बाद से ही परिवार वाले गहरे सदमे में हैं। शव के घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे इलाके में मातम का माहौल है और हर किसी की आंखें नम हैं।

 

स्थानीय लोग और जानने वाले देवनंदन प्रसाद सिंह को एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं। उनके सहकर्मी और साथी उन्हें मेहनती, जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान बताते हैं। उनके काम और व्यवहार ने सभी पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।

 

परिवार की तैयारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार जल्द ही किया जाएगा। पूरे इलाके में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। इस दुखद घटना ने ना सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है।

 

देवनंदन प्रसाद सिंह की शहादत और उनके जीवन का उदाहरण लोगों के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उनके जाने से सभी में शोक है, लेकिन उनकी यादें और योगदान हमेशा जिंदा रहेंगे।

 

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