भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने लोकसभा में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ा अहम सवाल उठाया, जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने जिले के लाखों परिवारों को मिल रहे स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी। यह सवाल अतारांकित प्रश्न संख्या 3467 के तहत 13 मार्च 2026 को पूछा गया था।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री द्वारा दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार, बिहार में इस योजना के तहत कुल 1.21 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया है। इनमें से करीब 4.38 लाख परिवार भागलपुर जिले के हैं, जो इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले के बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आयुष्मान योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है।

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। लाभार्थी देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज बिना किसी आर्थिक बोझ के करवा सकते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी 2026 तक देशभर में 43.52 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं, 31 जनवरी 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 11.46 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती के मामले अधिकृत किए जा चुके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।

सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि भागलपुर जिले के 4.38 लाख परिवारों का इस योजना से जुड़ना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इसे गरीब और वंचित परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया, क्योंकि गंभीर बीमारी के समय यह योजना उन्हें आर्थिक संकट से बचाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास है कि भागलपुर संसदीय क्षेत्र के सभी पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए।

इसके साथ ही सांसद ने संबंधित विभागों से अपील की है कि जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए और लोगों को योजना के बारे में जागरूक किया जाए। उनका कहना है कि अभी भी कई पात्र परिवार जानकारी के अभाव में इस योजना से वंचित हैं।

उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम करें, ताकि हर जरूरतमंद तक इस योजना का लाभ पहुंचे। अगर समय पर सभी पात्र परिवारों को जोड़ा गया, तो यह योजना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल सकती है।

कुल मिलाकर, संसद में उठाया गया यह सवाल न केवल भागलपुर बल्कि पूरे राज्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना किस तरह जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच रही है और भविष्य में इसे और प्रभावी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

 

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