भागलपुर स्मार्ट सिटी में इन दिनों ‘सूखा नशा’ यानी ब्राउन शुगर का प्रचलन तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो अब एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस नशे की चपेट में अब छोटे-छोटे बच्चे और किशोर भी आने लगे हैं, जिससे अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राउन शुगर एक बेहद खतरनाक नशा है। इसकी खास बात यह है कि इसके सेवन से मुंह से किसी तरह की दुर्गंध नहीं आती, जिससे युवा वर्ग इसे आसानी से छिपाकर इस्तेमाल करता है। यही वजह है कि यह नशा तेजी से युवाओं के बीच फैल रहा है। बताया जाता है कि लगातार एक सप्ताह तक इसका सेवन करने पर व्यक्ति इसका आदी हो सकता है। इसके बाद उसके व्यवहार, सोच और दिनचर्या में नकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।

 

नशे की गिरफ्त में आने के बाद कई युवक चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो जाते हैं। इससे न केवल उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है, बल्कि समाज की शांति और सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।

 

इस बढ़ती समस्या को लेकर सिटी डीएसपी ने गहरी चिंता जताई है और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन दो स्तरों पर काम कर रहा है—सप्लाई और डिमांड। सप्लाई साइड पर पुलिस नशा तस्करों की पहचान कर उनके नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है, जबकि डिमांड साइड पर स्कूलों, मोहल्लों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

 

डीएसपी ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। साथ ही बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने की जरूरत है।

 

प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।

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