भागलपुर में आयोजित प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी किसानों के लिए नए अवसरों का प्रभावी मंच बनकर उभरी है। इस आयोजन में जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिससे खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के जॉइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर (JDA) श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि बिहार की मिट्टी की सेहत प्राकृतिक खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यहां की जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता फल, फूल और सब्जियों की उन्नत खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति और प्राकृतिक खेती को अपनाएं तो उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि उद्यान प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार लिंक से जोड़ना है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। लंबे समय से यह देखा गया है कि उत्पादन तो बेहतर होता है, लेकिन बाजार तक सीधी पहुंच की कमी के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को खरीदारों, उद्यमियों और कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है।
प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे फूलों की आकर्षक सजावट, विभिन्न किस्मों के मशरूम, और कई प्रकार की ताजी एवं उन्नत सब्जियों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक कृषि तकनीकों की भी जानकारी दी गई।
यह आयोजन न केवल किसानों को नई तकनीक और उन्नत किस्मों से परिचित करा रहा है, बल्कि आम लोगों में भी बागवानी और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है। कुल मिलाकर, यह प्रदर्शनी कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और लाभकारी खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
