बिहार के राजभवन जिले के रून्नीसैपुर खंड स्थित छोटा सा गांव भैंसपति में इन दिनों भारी उत्साह और गौरव से भरा हुआ है। कारण है नेपाल में 27 मार्च को बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद की शपथ लेना। यह वह गांव है, जहां उनका ननिहाल स्थित है। जैसे ही उनके प्रधानमंत्री बनने की खबर आई तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
बालेन शाह के मामा सुरेश कुमार कहते हैं कि उनके पिता रामनारायण शाह की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी 1965 में भंसपति की रामप्रीत देवी से हुई थीं, जबकि दूसरी शादी नेपाल के धनुरा/महोत्सव की ध्रुवदेवी शाह से हुई थीं। बालेन शाह ध्रुवादेवी के पुत्र हैं। सुरेश कुमार बताते हैं कि चार महीने पहले ही बालेन के पिता का निधन हुआ था, जो एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे।
परिवार के मुताबिक, पहली पत्नी से एक बेटी हिना हैं, जो जनकपुर में रहती हैं। वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी बालेन शाह समेत बहनें अनामिका और सुजाता शामिल हैं। अनामिका सुपरमार्केट में व्यवसाय करती है और सुजाता काठमांडू में रहती है।
बालेन शाह की बहन अनामिका ने बताया कि वह अपने भाई के शपथ ग्रहण समारोह में काठमांडू में शामिल हुए थे। उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताया, हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी बातचीत से मलाल भी नहीं मिला।
मेरे भाई प्रमुख कुमार ने बताया कि बालेन बचपन में बार-बार ननिहाल आते थे और गांव के बच्चों के साथ खेलते थे। उनकी इस उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। मामी रेखा देवी भी भावुक हो गईं और याद आया कि कैसे वह बचपन में उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाती थीं।
गांव के लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि सिर्फ परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। लोगों को उम्मीद है कि भारत और नेपाल के बीच समानताएं और मजबूती होगी।
नेपाल के मालदीव चुनाव में बालेन शाह की पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की और उन्होंने 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
