आज शनिवार, 21 मार्च 2026 को चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। यह तिथि भगवान शिव और माता गौरी को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन गौरी पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि गृह प्रवेश, नए भवन निर्माण, कला और रचनात्मक कार्यों के लिए बहुत ही अनुकूल मानी जाती है। वहीं, विवाद, झगड़े और मुकदमेबाजी जैसे कार्यों से इस दिन दूर रहने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से आज चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहे हैं और अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव बना हुआ है। अश्विनी नक्षत्र को नक्षत्रों में पहला स्थान प्राप्त है और इसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक होता है। इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं, जिन्हें देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है, जबकि इसका स्वामी ग्रह केतु है।
अश्विनी नक्षत्र को तेज, ऊर्जावान और आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में यात्रा, चिकित्सा से जुड़े कार्य, पढ़ाई की शुरुआत, वाहन खरीदना या बेचना, आभूषण निर्माण, व्यापार आरंभ करना और निवेश जैसे कार्य करना शुभ फलदायी होता है। इसके अलावा खेल-कूद, सजावट, कला, शारीरिक व्यायाम और धार्मिक गतिविधियों के लिए भी यह समय अनुकूल माना गया है।
हालांकि दिन के कुछ समय को अशुभ भी माना गया है। आज सुबह 09:26 बजे से 10:57 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे समयों से भी परहेज करना उचित रहेगा।
कुल मिलाकर, आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल अवसर प्रदान कर रहा है, बशर्ते कि शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाए। से
