राष्ट्रीय इंक्लूसिव पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. धनोज कुमार ने आज आयोजित एक प्रेसवार्ता में अपने ऊपर लगाए गए भू-माफिया के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह उन्हें सामाजिक व राजनीतिक रूप से बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।

 

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. धनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि शहर के झपड़ा टोला, वार्ड संख्या 31/29 में स्थित एक बीघा 15 कट्ठा जमीन उनके पिता स्वर्गीय दयानंद दाती द्वारा विधिवत रूप से खरीदी गई थी। उन्होंने बताया कि यह जमीन पूरी तरह वैध दस्तावेजों के आधार पर उनके परिवार के नाम पर दर्ज है।

 

डॉ. धनोज कुमार ने कहा कि वर्ष 1995 में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा इस जमीन की जमाबंदी को असंवैधानिक तरीके से रद्द कर दिया गया था, जबकि जिलाधिकारी को खाता रद्द करने का संवैधानिक अधिकार ही नहीं है। इस निर्णय के खिलाफ उनके पिता स्व. दयानंद दाती ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

 

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद उनकी जमीन की जमाबंदी पुनः बहाल कर दी गई। इतना ही नहीं, वर्ष 2026 तक का लगान रसीद भी पूरी तरह अद्यतन है, जो इस बात का ठोस प्रमाण है कि जमीन पर उनका वैध और कानूनी अधिकार है।

 

प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के कुछ लोग और असामाजिक तत्व लंबे समय से जबरदस्ती उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। जब यह प्रयास सफल नहीं हो सका, तो उन्हें भू-माफिया बताकर झूठा और भ्रामक प्रचार किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि कानून और न्याय व्यवस्था को भी गुमराह करने की कोशिश है।

 

डॉ. धनोज कुमार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सभी वैध दस्तावेजों और न्यायालय के आदेशों में साफ तौर पर दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर उन्हें पूरा विश्वास है और सत्य के आधार पर उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

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