सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत रसलपुर गांव से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के निवासी शुभंकर कुमार ने अपनी पुश्तैनी रेयती जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्ज़ा किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, संबंधित जमीन का खतियान उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है और वर्ष 2025-26 तक का ऑनलाइन लगान भी विधिवत जमा किया जा चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2024 में न्यायालय से उनके पक्ष में डिग्री भी प्राप्त हो चुकी है।
शुभंकर कुमार का कहना है कि वर्ष 2025 में उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर दबंगों ने जमीन पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने अंचलाधिकारी से लेकर डीसीएलआर, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी तक आवेदन दिया। इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के जनता दरबार में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक जमीन से अवैध कब्ज़ा नहीं हटाया गया है।
पीड़ित का आरोप है कि जब भी वे अपनी जमीन पर जाने का प्रयास करते हैं, दबंग लोग लाठी-डंडा और हथियार के साथ पहुंचकर मारपीट और जानलेवा हमले की धमकी देते हैं। इस कारण उनका परिवार दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है। उनका कहना है कि कभी उन्हें सीओ के पास भेजा जाता है तो कभी डीसीएलआर के पास, लेकिन लगातार चक्कर लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
वहीं, इस मामले में नौहट्टा अंचलाधिकारी का कहना है कि यह रेयती जमीन से जुड़ा मामला है और इसमें डीसीएलआर स्तर से ही उचित कार्रवाई संभव है। अब बड़ा सवाल यह है कि कोर्ट की डिग्री और वैध दस्तावेज होने के बावजूद आखिर पीड़ित को न्याय कब मिलेगा।
