नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में संचालित एएनएम कॉलेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कॉलेज में फर्स्ट ईयर से सेकंड ईयर में प्रमोट करने के नाम पर छात्राओं से अवैध वसूली किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, कॉलेज से जुड़े कुछ लोगों द्वारा प्रत्येक छात्रा से दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरोप है कि राशि नहीं देने पर छात्राओं को जानबूझकर फेल करने और भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है।
कॉलेज की एक छात्रा ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि वह गरीब परिवार से है और बड़ी मुश्किल से एएनएम की पढ़ाई कर रही है। उससे स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि उसने दस हजार रुपये नहीं दिए तो उसे फर्स्ट ईयर में ही फेल कर दिया जाएगा। छात्रा का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर करियर बर्बाद करने और आगे किसी भी परीक्षा में परेशान करने की धमकी दी गई।
छात्राओं का कहना है कि दबाव इतना अधिक है कि कई छात्राएं मजबूरी में पैसे देने को विवश हो रही हैं। इस पूरे माहौल से छात्राओं में भय और मानसिक तनाव व्याप्त है, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है। छात्राओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं कॉलेज प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
कॉलेज की प्रधानाचार्य रागिनी कुमारी ने कहा कि पास कराने के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होती और लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्रा लिखित शिकायत करती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि वह 12 जनवरी तक अवकाश पर हैं।
फिलहाल छात्राओं के आरोप और कॉलेज प्रशासन के खंडन के बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
