पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल Patna Medical College and Hospital यानी पीएमसीएच में इलाज के दौरान मारपीट और बदसलूकी का गंभीर मामला सामने आया है। मधुबनी के रहने वाले 31 वर्षीय राहुल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात करीब 35 जूनियर डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन व ट्रॉली बैग भी छीन लिया।
राहुल मिश्रा के मुताबिक, वे अपने भाई सोनू के साथ 2 मार्च को ट्रेन से सफर कर रहे थे। इसी दौरान अथमलगोला के पास कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी, जिसमें दोनों घायल हो गए। इसके बाद उन्होंने पहले बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि 3 मार्च की सुबह वे पीएमसीएच के सर्जरी विभाग पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें सीटी स्कैन बाहर से कराने की सलाह दी। राहुल ने डॉक्टरों से कहा कि यदि अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है तो पर्ची पर लिखकर दे दें, ताकि वे बाहर से जांच करवा सकें।
आरोप है कि इसी बात को लेकर डॉक्टरों और मरीज के बीच बहस शुरू हो गई। राहुल का दावा है कि बहस के बाद कुछ जूनियर डॉक्टर और गार्ड नाराज हो गए और उनके साथ-साथ उनकी मां और भाई के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे।
पीड़ित के अनुसार, किसी तरह वे लोग वहां से निकलकर अस्पताल परिसर से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी करीब 30 से 35 लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि इनमें जूनियर डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी शामिल थे, जिन्होंने तीनों भाइयों की पिटाई कर दी। राहुल ने पुलिस को दिए बयान में यह भी कहा है कि कई आरोपी नशे की हालत में थे।
मामले के तूल पकड़ने के बाद और मंत्री Sanjay Singh के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। Pirbahore Police Station में 35 अज्ञात जूनियर डॉक्टरों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
