भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जीरो माइल चौक स्थित एलआईसी ऑफिस के पास मंगलवार को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के बस चालक पंकज के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ड्राइवरों के बीच आक्रोश भी बढ़ा दिया है। घायल चालक का आरोप है कि मारपीट करने वाले लोग जेल कर्मी थे, जिन्होंने बस से टक्कर के बहाने उसे घसीट-घसीट कर पीटा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंकज बीएसआरटीसी की बस लेकर अपने निर्धारित रूट पर जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोग कार से नवगछिया की ओर जा रहे थे। आरोप है कि कार रॉन्ग साइड से आ रही थी और बस से टकरा गई। टक्कर के बाद कार सवार लोग गाड़ी से नीचे उतरे और बस चालक से उलझ गए। चालक का कहना है कि विवाद के बाद कार सवारों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।
घायल चालक पंकज ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट करने वाले लोग पहले भागलपुर जेल में कार्यरत थे और उन्होंने जेल से सिपाही बुलाकर उसके साथ मारपीट करवाई। घटना के बाद चालक को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद वह किसी तरह वहां से निकला।
इस मामले को लेकर बुधवार को बिहार ड्राइवर संगठन के सदस्य बरारी थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि संगठन का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई और उनकी बात नहीं सुनी गई। इससे नाराज ड्राइवर संगठन के सदस्य घायल चालक को लेकर तिलकामांझी थाना पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने हंगामा किया।
ड्राइवर संगठन के नेताओं ने दोषी जेल कर्मियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्टीयरिंग रोको अभियान चलाने के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की भी चेतावनी दी है। फिलहाल मामला पुलिस जांच में है, लेकिन कार्रवाई को लेकर ड्राइवरों में भारी असंतोष बना हुआ है।
