पलामू जिले के हुसैनाबाद स्थित ए.के. सिंह कॉलेज, जपला में कॉलेज के पूर्व कर्मचारी वशिष्ठ गिरि के निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। बताया गया कि हृदय गति रुक जाने के कारण उनका आकस्मिक देहांत हो गया, जिससे कॉलेज परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
वशिष्ठ गिरि कॉलेज की स्थापना काल से लेकर अपनी सेवा समाप्ति तक संस्थान से जुड़े रहे और पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके निधन पर कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने गहरा दुख व्यक्त किया।
शोक सभा के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. रामसुभग सिंह ने कहा कि वशिष्ठ गिरि एक अत्यंत मिलनसार, सरल और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में कॉलेज के हर कार्य को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ पूरा किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सभा में उपस्थित शिक्षकों ने भी वशिष्ठ गिरि के व्यक्तित्व और उनके कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उनका व्यवहार सभी के साथ सौम्य और सहयोगात्मक था, जिससे वे सभी के प्रिय बने रहे।
इस शोक सभा में प्रो. सुधीर कुमार सिंह, प्रो. शशिभूषण, प्रो. डॉ. आलोक रंजन कुमार, प्रो. डॉ. शिवकुमार विश्वकर्मा, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. अशोक कुमार सिंह, प्रो. डॉ. अजय कुमार सिंह, प्रो. डॉ. उपेन्द्र कुमार सिंह, प्रो. डॉ. चंदन कुमार सिंह सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे, जिन्होंने नम आंखों से वशिष्ठ गिरि को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
कॉलेज परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।
संवाददाता: विकास कश्यप
