बिहार की राजनीति में जेडीयू के अंदर सियासी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। पार्टी ने अपने ही एक सांसद की सदस्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
जेडीयू के बांका से लोकसभा सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जेडीयू के संसदीय दल के नेता और सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपा है। इस नोटिस में गिरधारी यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताते हुए उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर जेडीयू अपने ही सांसद के खिलाफ इतना बड़ा कदम क्यों उठा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता एजाज अहमद ने जेडीयू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर के लोग ही अब सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भले ही जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं, लेकिन पार्टी पर बीजेपी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
एजाज अहमद ने आगे कहा कि गिरधारी यादव के पुत्र ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जो उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद की पार्टी से चुनाव लड़ने का अधिकार है, इसे आधार बनाकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की सियासत को एक नया मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि लोकसभा अध्यक्ष इस मामले में क्या फैसला लेते हैं और जेडीयू के अंदर चल रही यह सियासी खींचतान आगे किस दिशा में जाती है।
