बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़का धकाईच स्थित ऐतिहासिक राम जानकी मठ से चोरी हुई रामदरबार की अष्टधातु मूर्तियां आखिरकार तीन साल बाद अपने मूल स्थान के लिए रवाना हो गईं। भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में 2023 से रखी गईं सातों मूर्तियों को मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर मुक्त कर दिया गया। सीजेएम न्यायालय में छह लाख रुपये के बेल बांड भरने के बाद मूर्तियों को विधिवत थाना से रिलीज किया गया।


मुक्त की गई मूर्तियों में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित कुल सात अष्टधातु की मूर्तियां शामिल हैं।

मालखाना से मुक्त होने के बाद सभी मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

इसके पश्चात राम जानकी मठ बड़का धकाईच के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह तथा अधिवक्ता धनेश पांडेय मूर्तियों को लेकर कृष्णब्रह्म के लिए रवाना हुए।


तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जब मूर्तियां मंदिर लौटने लगीं, तो रामभक्तों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्थानीय लोगों ने इसे आस्था और धरोहर की जीत बताया। मंदिर परिसर और आसपास के गांवों में इसे लेकर उत्साह का माहौल देखा गया।


इस पूरे मामले में अधिवक्ता धनेश पांडेय ने बताया कि बरामद की गई अष्टधातु की मूर्तियां अत्यंत प्राचीन और अमूल्य हैं। उनका अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 68 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये मूर्तियां लगभग 300 वर्ष पुरानी हैं और धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी इनका महत्व अत्यधिक है।


मालखाना से मूर्तियों को मुक्त कराने की प्रक्रिया में बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी ने न्यायालय में छह लाख रुपये के बेल बांड जमा किए, जिसके बाद अदालत के आदेश पर मूर्तियों को रिलीज किया गया।


गौरतलब है कि इन मूर्तियों की चोरी 21 जनवरी 2023 को हुई थी। बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़की धकाईच स्थित राम जानकी मठ से राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, लड्डू गोपाल समेत सात मूर्तियां और एक मुकुट चोरी कर लिया गया था। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 22 जनवरी 2023 की अहले सुबह आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियों को बरामद कर लिया था। इस दौरान एक चोर को एक कट्टे के साथ गिरफ्तार भी किया गया था।


यह पहली बार नहीं है जब राम जानकी मठ को ऐसी घटना का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले 6 जून 2011 को भी मंदिर से तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं। उस समय पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और चोरी गई मूर्तियां वर्ष 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से बरामद कर पुनः मंदिर में स्थापित की गई थीं।


राम जानकी मठ के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि इस मठ में मूर्तियों की स्थापना करीब 300 वर्ष पूर्व नेपाल के महाराजा द्वारा कराई गई थी। उन्होंने कहा कि मूर्तियों की वापसी से न केवल मंदिर बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास मजबूत हुआ है।

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