समस्तीपुर रेल मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) सनी सिन्हा शुक्रवार को सहरसा जंक्शन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन परिसर का रूटीन निरीक्षण किया। इस दौरान एडीआरएम ने यात्री सुविधाओं, रेलकर्मियों की व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा तैयारियों का गहन जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और रेल संचालन को सुरक्षित, सुचारु व प्रभावी बनाना था।
निरीक्षण की शुरुआत एडीआरएम ने रनिंग रूम से की। यहां उन्होंने लोको पायलटों और गार्डों के लिए उपलब्ध विश्राम व्यवस्था, साफ-सफाई, खान-पान तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेलकर्मियों को ड्यूटी से पहले और बाद में स्वच्छ, शांत और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे पूरी ऊर्जा और एकाग्रता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
इसके बाद एडीआरएम ने लॉबी का निरीक्षण किया, जहां कर्मचारियों की उपस्थिति, अनुशासन और रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने समयबद्ध ड्यूटी, अनुशासन और बेहतर कार्य संस्कृति बनाए रखने पर जोर दिया। एडीआरएम ने कहा कि रेल संचालन की सफलता में कर्मचारियों की भूमिका अहम है, इसलिए उनकी सुविधाओं और कार्य स्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
वाशिंग पिट के निरीक्षण के दौरान एडीआरएम ने ट्रेनों की साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और तकनीकी रखरखाव की स्थिति देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रेनों की धुलाई और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सीधे प्रभावित होती है।
निरीक्षण के क्रम में एक्सीडेंट रिलीफ यान (एआरटी) की भी जांच की गई। एडीआरएम ने आपातकालीन उपकरणों की कार्यशीलता, संसाधनों की उपलब्धता और कर्मचारियों की तत्परता का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए एआरटी का पूरी तरह तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षण के अंत में एडीआरएम सनी सिन्हा ने अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया और निरंतर निगरानी के माध्यम से व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की बात कही।
