पलामू जिले में आगामी रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को डीसी समीरा एस और एसपी रीष्मा रमेशन ने पड़वा प्रखंड के मझिगांव और पाटन प्रखंड के पल्हेकला गांव का दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर आपसी समन्वय और सहयोग पर जोर दिया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य संवाद के जरिए संभावित विवादों को पहले ही सुलझाना और सहभागिता आधारित माहौल तैयार करना है।
मझिगांव में साउंड सिस्टम के उपयोग को लेकर संभावित मतभेद पर चर्चा हुई, जहां सभी पक्षों ने आपसी सहमति से निर्धारित नियमों के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग का निर्णय लिया। लोगों ने भरोसा दिलाया कि किसी भी वर्ग की भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा।
इसके साथ ही रामनवमी जुलूस को पूर्व निर्धारित रूट से ही निकालने पर सर्वसम्मति बनी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तय मार्ग का पालन करने से व्यवस्था सुचारू बनी रहती है और आम जनजीवन भी प्रभावित नहीं होता।
वहीं पल्हेकला गांव में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जहां सभी समुदायों ने पिछले साल की घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार भाईचारे और शांति के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे अफवाहों से दूर रहेंगे और एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।
डीसी और एसपी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या अपुष्ट सूचना पर ध्यान न दें और संदिग्ध जानकारी की पुष्टि प्रशासन से करें। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति जुलूस निकालने, अवैध रूप से लाउडस्पीकर के उपयोग, भड़काऊ पोस्ट या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार गश्ती की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी पर्व की सफलता प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही संभव है, इसलिए सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई है।
