पटना में नीट की एक छात्रा के साथ हुई हैवानियत और बाद में उसकी मौत के मामले को लेकर पूरे बिहार में आक्रोश का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान छात्राओं का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिला।

 

आक्रोश मार्च में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लिए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सिर्फ नारा नहीं, अधिकार है”, “अपराधियों को फांसी दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने कहा कि अब चुप बैठने का समय नहीं है, बल्कि झांसी की रानी बनने का समय आ गया है।

 

छात्राओं ने आरोप लगाया कि राज्य में छात्राओं के साथ लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं सरकार और प्रशासन की विफलता को उजागर करती हैं। पटना में नीट की छात्रा के साथ हुई बर्बर घटना और उसकी मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

प्रदर्शन के दौरान छात्रा अपराजिता ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को अविलंब निलंबित किया जाए। अपराजिता ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए गए होते, तो शायद एक होनहार बेटी की जान बचाई जा सकती थी।

 

आक्रोश मार्च में शामिल छात्राओं ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक बेटियां असुरक्षित रहेंगी और कब तक अपराधियों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिलता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक छात्रा की नहीं, बल्कि पूरे समाज की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

 

आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन छात्र-छात्राओं के तेवर साफ संकेत दे रहे थे कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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