ट्रेन में सुरक्षित माने जाने वाले एसी कोच अब अपराधियों के आसान निशाने बनते जा रहे हैं। ताजा मामला असम से टाटानगर आ रही एक महिला यात्री के साथ हुई बड़ी वारदात का है, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अंकिता अग्रवाल (34) 27 मार्च को असम के सोनितपुर जिले के सिलघाट टाउन से अपने परिवार के साथ नगांव एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। वह एसी कोच A-1 (2AC) में सवार थीं। आरोप है कि यात्रा के दौरान कोच अटेंडेंट ने उन्हें बिना पूछे एक अनसील बेडशीट थमा दी। ठंड लगने के कारण अंकिता ने वह चादर ओढ़ ली।
बताया जा रहा है कि चादर ओढ़ने के कुछ ही देर बाद अंकिता गहरी नींद में चली गईं। जब 28 मार्च को पाकुड़ स्टेशन के पास उनकी आंख खुली, तो उनके होश उड़ गए। उनके पर्स से चार सोने की चूड़ियां, करीब 70-80 ग्राम का सोने का ब्रेसलेट, iPhone 13 Pro और 13 हजार रुपये नकद गायब थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
घटना के बाद अंकिता ने अपने स्मार्टवॉच की मदद से फोन को ट्रैक किया, जिसकी आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल के वीरभूम में मिली। उन्होंने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई स्टेशनों तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। बाद में पहुंचे आरपीएफ कर्मियों ने केवल औपचारिकता निभाते हुए फीडबैक फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए।
अंकिता ने इस मामले में कोच अटेंडेंट रजिमुल खान और पैंट्री स्टाफ शिवचरण सोनी पर मिलीभगत का संदेह जताया है। उनका कहना है कि उसी दिन ट्रेन के अन्य कोचों में भी चोरी की घटनाएं सामने आईं, जिससे यह मामला किसी संगठित गिरोह की साजिश प्रतीत होता है।
फिलहाल, टाटानगर जीआरपी ने जीरो प्राथमिकी दर्ज कर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पाकुड़ रेल थाना भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
