भागलपुर। सुल्तानगंज स्थित विश्वप्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम में मौनी अमावस्या को लेकर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मिथिलांचल से आए हजारों कांवड़िया उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र स्नान कर अजगैबीनाथ मंदिर में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती को गंगा जल अर्पित करते हुए सुख-शांति और समृद्ध जीवन की कामना कर रहे हैं। रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

 

मान्यता के अनुसार, मिथिलांचल के कांवड़िया माता पार्वती को अपने कुलदेवी के रूप में मानते हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वे मौनी अमावस्या के दिन अजगैबीनाथ धाम पहुंचकर मौन व्रत का पालन करते हुए उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाते हैं। इसके बाद कांवड़िया गंगा जल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा पर निकलते हैं, जहां वे ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

 

कांवड़ियों का कहना है कि मौनी अमावस्या पर स्नान और जलाभिषेक से जीवन में सुख, शांति और मंगल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही वे शिवरात्रि के शुभ अवसर पर अपने-अपने गांवों के शिवालयों में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के विवाह का आयोजन धूमधाम से करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के निर्वहन के लिए मिथिलांचल के कांवड़िया बड़ी संख्या में सुल्तानगंज पहुंचते हैं।

 

अजगैबीनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने मौनी अमावस्या के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस दिन मौन व्रत रखकर गंगा स्नान और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और नियम के साथ इसका पालन करते हैं।

 

इस दौरान “हर हर बम”, “बोल बम”, “मइया पार्वती” और “बाबा भोलेनाथ” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। हजारों कांवड़िया गंगा जल लेकर देवघर के लिए रवाना होते हुए नजर आए।

 

वहीं, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में अजगैबीनाथ मंदिर, गंगा घाट और पूरे सुल्तानगंज शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही नगर परिषद सुल्तानगंज द्वारा गंगा घाट से लेकर पूरे शहर में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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