मार्वल सुपरहीरो थॉर का किरदार निभाने वाले क्रिस हेम्सवर्थ की बेटी का नाम India है. दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स की बेटी का नाम भी इंडिया है. यही नहीं, 2014 में यूपी के रामपुर से सांसद रहे भाजपा नेता का नाम नेपाल सिंह है. ऐसा होता है. लोग देशों या अन्य जगहों के नाम पर अपने बच्चों के नाम रख देते हैं. लेकिन बिहार के एक परिवार ने तो हद कर दी. यहां पांच भाइयों के नाम पांच देशों के नाम पर रखे गए हैं. इन देशों की आपस में बनती भले ना हो, लेकिन इन पांच भाइयों के बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ.

दरअसल बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एक इलाका है बगहा. यहां की सिसवा बसंतपुर पंचायत में स्थित गांव है जमादार टोला. यहीं एक परिवार में रहते हैं पांच भाई. नाम हैं- अमेरिका शर्मा, अफ्रीका शर्मा, जर्मनी शर्मा, रूस शर्मा और जापान शर्मा. मजाक नहीं, ये इनके असली नाम हैं. हालांकि दुख की बात है कि दो भाई रूस और जर्मनी की बहुत पहले मौत हो चुकी है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन पांच भाइयों के नामकरण के पीछे भी एक रोचक कहानी है, जिसे लोग आज भी बड़ी दिलचस्पी से सुनते हैं. कहानी के मुताबिक इनके परिवार में इनके चचेरे भाई हुआ करते थे, जिनका नाम था अकलू शर्मा. आजादी के बाद अकलू 1950 में भारतीय फौज में भर्ती हो गए थे. कुछ साल पहले ही दूसरा विश्वयुद्ध खत्म हुआ था. इस वजह से उस वक्त फौज में बड़े देशों की भारत से दोस्ती की चर्चा होती थी. अकलू उन देशों के नामों से बड़े प्रभावित हुए. बाद में जब छुट्टी पर घर आए, तो पहले भतीजे का जन्म हो चुका था. अकलू ने उसका नाम अमेरिका के नाम पर रख दिया.

इसके बाद जैसे-जैसे भतीजों का जन्म होता गया, अकलू उनके नाम देशों के नाम पर रखने लगे. परिवार में पांच भाई जन्मे तो सबके नाम अमेरिका, जापान, रूस, जर्मनी और अफ्रीका रख दिया गया. जाहिर है ऐसे नामों के चलते भाइयों को परेशानी होती थी. स्कूल में बच्चे इनका मजाक उड़ाते थे. लेकिन घरवालों ने इन सभी के नाम नहीं बदले.

इन भाइयों से जुड़ा एक और रोचक किस्सा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 35 साल पहले गांव में धुरन मिस्त्री नाम के व्यक्ति रहा करते थे. उनका इन भाइयों से झगड़ा हो गया. धुरन गुस्से में इनके खिलाफ थाने में शिकायत करने पहुंचे गए. वो इनकी नामजद FIR लिखवाना चाहते थे. अपने शिकायती पत्र में धुरन ने इन पांचों भाइयों के नाम लिखकर जमा किए. लेकिन आवेदन में अमेरिका और रूस का नाम देखकर थानेदार ने शिकायतकर्ता को भगा दिया. उसने समझा कि शिकायतकर्ता पागल हो गया है और वो इन देशों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना चाहता है.

पांच देशों के नाम से जाने जाने वाले इन भाइयों में रूस और जर्मनी की काफी पहले ही मौत हो चुकी है. हालांकि गांव में अब भी उनकी चर्चा होती है. रूस की मौत 10 साल पहले, तो जर्मनी की मौत 5 साल पहले हो गई थी. गांव के लोगों का कहना है कि आज तक पांचों भाइयों में कभी भी लड़ाई नहीं हुई. भले आज विश्व पटल पर अमेरिका और रूस दुश्मन हैं. लेकिन ये दोनों भाई कभी दुश्मन नहीं रहे.

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