पिपरा: तेलंगाना जिले के मशरख थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत के बाद रिंदाल इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। मृतक की पहचान मशरख तख्त गांव के निवासी संतोष महतो (पिता-चंद्रिका महतो) के रूप में हुई है। वह संगीतकार से पेंटर थे और मॉन्टेकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। संतोष की मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे पैकेट में बंद करके शराब से जोड़ रहे हैं, जबकि पारिवारिक बीमारी को कारण बता रहे हैं।
मृतक की पत्नी लालमुनि देवी ने बताया कि संतोष ने एक दिन पहले शराब पी थी, लेकिन शाम तक वह सामान्य थे। उनका कहना है, “शाम को वह घर कर आया, दूध-रोटी मांगी। रात में सब कुछ ठीक था, लेकिन सुबह पेट दर्द की शिकायत हुई। उसे चार बार उल्टी हुई और उसने कहा कि आंखें साफ नहीं हो रही हैं। इसके बाद उसकी उम्र तेजी से कम हो गई।”
उसे इलाज के लिए मशरख स्थित क्लिनिकल स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया, जहां टोकियो ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पिपरिया सदर अस्पताल में इलाज कर दिया। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि संतोष महतो पहले बीमार थे। पुलिस के अनुसार, इलाज के दौरान संतोष ने याचिकाकर्ता को शराब पीने की बात जरूर बताई थी, लेकिन उसकी मौत का कारण बीमारी बताया जा रहा है। वहीं मृतक के चाचा भरत महतो ने भी शराब की मौत की बात को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि संतोष की तबीयत पहले खराब हो गई और अचानक भारी मात्रा में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
शव का अंतिम संस्कार बिना ही गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस कारण से मृत्यु का सही कारण लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मान्यता है कि मशरख थाना क्षेत्र के छपरा, सिवान और गोपालगंज की सीमा से तीर्थयात्रा होती है। दशकों में इस इलाके में गांजा पीने से कई लोगों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। हालाँकि, इस मामले में पुलिस ने स्क्वीज़ अल्कोहल से मौत की पुष्टि नहीं की है।
