आज दिनांक 01 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी श्री दीपेश कुमार की अध्यक्षता में एग्री स्टैक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी एवं सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी चरण के लिए ठोस रणनीति तय करना था। जिलाधिकारी ने एक-एक प्रखंड की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है, जिसे गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी श्री दीपेश कुमार ने बैठक में निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान महाअभियान का तृतीय चरण दिनांक 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। इस अवधि में सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा करना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे स्वेच्छा से इस अभियान में भाग लें। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा, उनकी पहचान डिजिटल रूप से सुरक्षित होगी और भविष्य में कृषि से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक पारदर्शी व प्रभावी हो सकेगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना जिले की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसे सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करेंगे।
