बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। नरकटियागंज-बेतिया रेलखंड पर कुमारबाग रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक में दरार आने से बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस (15202) दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। लोको पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित रही।

 

जानकारी के अनुसार, ट्रेन सुबह 5:48 बजे कुमारबाग स्टेशन से रवाना हुई थी। स्टेशन से लगभग 300 मीटर आगे बढ़ते ही इंजन और दो बोगियों के गुजरने के दौरान लोको पायलट को तेज झटका महसूस हुआ। उन्हें ट्रैक धंसने की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। नीचे उतरकर जांच करने पर पटरी टूटी हुई मिली। यदि झटके को नजरअंदाज किया जाता, तो करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ट्रेन पटरी से उतर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन के गार्ड ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि समय रहते ट्रेन रोकना बेहद अहम रहा।

 

घटना के बाद ट्रेन करीब डेढ़ से दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेल अधिकारी, पीडब्ल्यूआई स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को दुरुस्त कर ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया। एहतियातन चनपटिया में सप्तक्रांति एक्सप्रेस को भी कुछ देर के लिए रोका गया।

 

रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस रेलखंड पर 9 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य को हाल ही में Commissioner of Railway Safety से मंजूरी मिली थी और 18 फरवरी से परिचालन शुरू हुआ था। महज 10 दिनों में नई ट्रैक में आई खामी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नियमित निरीक्षण व रखरखाव पर जोर देने की बात कही है। यात्रियों ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की है।

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