पलामू के जपला स्थित ए.के. सिंह कॉलेज में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस मौके पर छात्रों और शिक्षकों ने उनके विचारों और योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में किया गया, जबकि संचालन खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. राहुल कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर “आधुनिक भारत के निर्माता महात्मा ज्योतिबा फुले” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
राजनंदिनी कुमारी, पूजा कुमारी, शिवानी सिंह, तैयब खातून, मोनल कुमारी और सान्या कुमारी ने अपने विचार रखते हुए फुले के सामाजिक सुधारों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया। पूर्व छात्र और पत्रकार गौतम पटेल ने भी फुले के संघर्षों और समाज सुधार में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. राम सुभग सिंह ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले केवल समाज सुधारक नहीं, बल्कि एक सच्चे सामाजिक क्रांतिकारी थे। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में समानता और न्याय की नींव रखी। अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘गुलामगिरी’ के माध्यम से उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्होंने बताया कि ज्योतिबा फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला और विधवाओं के अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए उनका योगदान अतुलनीय है।
कार्यक्रम में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आलोक रंजन कुमार, बर्सर प्रो. शशि भूषण सिंह, प्रो. मुकेश सिंह, प्रो. सुधीर कुमार सिंह सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आलोक रंजन कुमार ने किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को महात्मा फुले के विचारों को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी गई।
