भागलपुर में उस वक्त भावुक और खुशनुमा माहौल देखने को मिला, जब सीआरपीएफ के जमुई और मुजफ्फरपुर के डीआईजी संदीप सिंह अपने पुराने स्कूल के एलुमिनाई मीट में शामिल होने पहुंचे। सीएमएस स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने बचपन की यादों को फिर से जिया और पुराने दोस्तों के साथ खास पल बिताए।
शहर के ऐतिहासिक सीएमएस स्कूल में आयोजित एलुमिनाई मीट के दौरान हर तरफ यादों की खुशबू बिखरी हुई थी। जैसे ही डीआईजी संदीप सिंह कार्यक्रम में पहुंचे, उनका जोरदार स्वागत किया गया। वर्षों बाद अपने पुराने स्कूल और साथियों के बीच लौटे संदीप सिंह काफी भावुक नजर आए।
उन्होंने कहा कि भागलपुर उनकी जन्मभूमि है और इसी स्कूल में उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। ऐसे में यहां वापस आना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों की यादें आज भी उनके दिल में ताजा हैं और यह पल उनके जीवन का अनुपम उपहार है।
कार्यक्रम के दौरान माहौल और भी खास हो गया, जब डीआईजी संदीप सिंह ने अपने दोस्तों के बीच एक गीत गाया। उनके इस अंदाज को वहां मौजूद सभी लोगों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। इस पल ने पूरे माहौल को भावुक और आनंदमय बना दिया।
इस मौके पर उन्होंने अपने शिक्षकों और मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि आज जो भी हैं, उसमें उनके शिक्षकों का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि पुराने साथियों के साथ बिताए ये पल हमेशा उनकी यादों में बसे रहेंगे।
वहीं, एलुमिनाई मीट के लिए स्कूल को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा। सीएमएस स्कूल, जो भागलपुर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में से एक है, अपनी नियो-गोथिक वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1854 में रेवरेंड मिस्टर ड्रोस द्वारा की गई थी।
कुल मिलाकर, यह एलुमिनाई मीट न सिर्फ पुराने रिश्तों को फिर से जोड़ने का माध्यम बना, बल्कि यादों के उस सुनहरे दौर को भी ताजा कर गया, जिसे हर कोई हमेशा संजोकर रखना चाहता है।
