लालसोट की महिला डॉ अर्चना शर्मा की आत्महत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर निजी और सरकारी डॉक्टर ने आज भागलपुर के आईएमए हॉल में हेल्थ वीक कार्यक्रम एवं शांति सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम में सबों ने डॉ अर्चना शर्मा के तेलिय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा ।

वही आईएमए हॉल से सभी डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद सिंह ने कहा कि राजस्थान दोसा स्थित डॉ अर्चना शर्मा के नर्सिंग होम में तोड़फोड़ व पुलिस द्वारा हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद आत्महत्या करने वाली महिला चिकित्सक के पक्ष में राष्ट्रीय आईएमए एकजुट हो चुका है।

जब तक डॉक्टर अर्चना शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने व मानसिक प्रताड़ना करने वाले लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तब तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा, इस घटना के बाद तमाम डॉक्टरों में रोष है । सभी डॉक्टरों का कहना हुआ कि इस तरह की घटना से एक होनहार डॉक्टर की क्षति होती है इस तरह के मामले को देखते हुए डॉक्टरों को प्रोटेक्शन मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वही कुछ चिकित्सकों ने कहा कि डॉक्टर अंतिम क्षण तक रोगियों के प्राण बचाना चाहता है इस पूरी इस परिस्थिति को सापेक्षता के रूप में ना देखकर बिल्कुल एकतरफा निर्णय लेते हुए डॉ अर्चना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई वर्षों तक उस डॉक्टर की कमाई हुई प्रतिष्ठा और उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया मैं यह कहना चाहूंगा कि उस पुलिस सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार के गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए साथ ही उनके ऊपर सुनियोजित रूप से एक महिला डॉक्टर की हत्या करने का केस भी दर्ज किया जाए।

वही भागलपुर के चिकित्सकों ने जिलाधिकारी को इस तरह की घटना पर रोक लगाने के लिए एहतियाती कदम उठाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा, जिसे पीएम मोदी को भी भेजा गया। वहीं जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि ऐसी घटना नहीं होने देंगे। इस मौके पर आईएमए के स्थानीय अध्यक्ष डॉ संदीप लाल, सचिव डॉक्टर वसुंधरा लाल, डॉक्टर संजय सिंह, डॉक्टर बिहारीलाल, डॉक्टर एस सी झा ,डॉक्टर सोमेन चटर्जी व अन्य चिकित्सक मौजूद थे।

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