जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने किसानों की समस्याओं और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए एकदिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए। धरना के बाद भाजपा नेताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरना को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान किसानों से धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल देने, मुफ्त बिजली, सस्ती खाद-बीज और वन उत्पादों के दाम बढ़ाने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जामताड़ा जिले में इस वर्ष 1.85 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन क्रय केंद्र देर से खुलने और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण केवल 1.12 लाख मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी। जिले के करीब 7800 किसानों का 42 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान अब तक लंबित है। वहीं नाला प्रखंड के लगभग 1200 किसानों को धान बेचे चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं मिला है।
नेताओं ने यह भी कहा कि हाल की बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नाला, कुंडहित और फतेहपुर क्षेत्र में मक्का और सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, लेकिन अब तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
भाजपा ने ज्ञापन के माध्यम से धान का MSP 3200 रुपये लागू करने, बकाया भुगतान जल्द करने, मुफ्त बिजली, सिंचाई व्यवस्था, कोल्ड स्टोरेज, बीमा सुधार और किसानों को राहत पैकेज देने की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
“3200 रुपये प्रति क्विंटल का वादा, लेकिन भुगतान अब तक अधूरा” — नाला में किसानों के समर्थन में भाजपा का धरना, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन


