जामताड़ा। कुंडहित प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जामताड़ा जिला कमेटी के बैनर तले विशाल रैली और धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी कार्यकर्ता कुंडहित बाजार से नारेबाजी करते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचे और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कथित जनविरोधी एमएमडीआर बिल को वापस लेने, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर रोक लगाने तथा आम जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की उच्चस्तरीय जांच कर नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं नाला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया ने कहा कि यह आंदोलन जनता के हक और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर बिल के जरिए केंद्र सरकार प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है। वहीं, जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कन्हाई चंद्र मालपहाड़िया ने कहा कि जब तक आम जनता की समस्याओं और मांगों पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं करती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यक्रम के अंत में भाकपा के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जनहित से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई।
रिपोर्ट: संतोष कुमार, जामताड़ा






