गया। आगामी पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 को लेकर पर्यटन विभाग ने गयाजी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से आवासन समेत कई तरह की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक यात्रा को सुविधाजनक, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाना है।
पर्यटन विभाग के सचिव ने बताया कि बिहार सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप गयाजी में कई विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है। इनमें सबसे प्रमुख विष्णुपद मंदिर के आसपास विश्वस्तरीय कॉरिडोर का प्रस्ताव है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले इस कॉरिडोर से मंदिर परिसर का विकास, श्रद्धालुओं की आवाजाही, दर्शन व्यवस्था और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही गयाजी में 1000 बेड वाले आधुनिक धर्मशाला के निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। करीब 120 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। धर्मशाला तैयार होने के बाद पितृपक्ष मेला के साथ-साथ पूरे साल गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सकेगा।
वहीं, मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत गया जिले के विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी को शामिल किया गया है। पात्र लाभार्थियों को 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इससे स्थानीय परिवार पर्यटन से जुड़ेंगे और रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इन योजनाओं से गयाजी और बोधगया में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।




