सहरसा। जिला परिषद स्थित सभागार में रविवार को अखिल भारतीय भगैत महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विष्णुदेव एवं सुभाष पजियार ने संयुक्त रूप से की। इसमें महासंघ से जुड़े पदाधिकारी, सदस्य और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की।
बैठक के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने, प्रधान कार्यालय की स्थापना, विभिन्न कमेटियों के गठन और आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संगठन की गतिविधियों को गांव और प्रखंड स्तर तक मजबूत बनाने तथा सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने को लेकर अपने सुझाव रखे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठन के सुचारू संचालन के लिए जल्द ही आवश्यक कमेटियों का गठन किया जाएगा। कमेटी गठन के बाद पदाधिकारियों और सदस्यों की जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी, ताकि महासंघ की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सम्मेलन को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। सम्मेलन के माध्यम से कोसी क्षेत्र की लोकगाथा, संस्कृति और परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की योजना पर मंथन किया गया।
राष्ट्रीय भगैत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवनारायण उर्फ नूनू यादव ने बताया कि दिल्ली में प्रादेशिक कार्यालय स्थापित करने को लेकर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकगाथा के माध्यम से कोसी की संस्कृति और कोसी की गाथा को दिल्ली के मैदान में जोर-शोर से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां लगातार चल रही हैं।
बैठक में रूदल पंजियार, दीपेन पंजियार, संगीता भारती, दीपक पांजियार, मुकेश सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। बैठक के अंत में संगठनात्मक कार्यों को गति देने और दिल्ली सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।





