धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग पर केन्दुआडीह थाना क्षेत्र के समीप हुए भू-धंसान के बाद बंद पड़े सड़क मार्ग को जल्द चालू कराने की मांग अब तेज हो गई है। इस मामले को लेकर ग्रामीण एकता मंच ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।
ग्रामीण एकता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष रंजीत सिंह उर्फ बबलू सिंह ने 15 मई को धनबाद उपायुक्त को पत्र सौंपते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी यानी डीजीएमएस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-धंसान और विस्थापन से जुड़े मामलों में सुरक्षा मानकों और नियमों की लगातार अनदेखी की गई है। इसके समर्थन में कई दस्तावेज और साक्ष्य भी डीसी कार्यालय को सौंपे गए हैं।
पत्र में दावा किया गया है कि वर्ष 2020 में बीसीसीएल ने डीजीएमएस को भेजे गए पत्र में पीबी एरिया अंतर्गत करकेंद स्थित नेहरू पार्क क्षेत्र को अग्नि प्रभावित और मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया था। इसके बावजूद वर्ष 2021 में उसी इलाके में लगभग 20 विस्थापित परिवारों को बसाया गया। इतना ही नहीं, वर्ष 2025 में भी पुटकी 17 नंबर क्षेत्र के कई विस्थापित परिवारों को उसी कथित असुरक्षित स्थान पर सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ बसाने का कार्य किया गया।
ग्रामीण एकता मंच ने यह भी कहा कि Jharkhand High Court में दायर जनहित याचिका संख्या 2962/2019 में धनबाद डीसी द्वारा दाखिल काउंटर एफिडेविट में भी बीसीसीएल द्वारा नियमों की अनदेखी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
मंच ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बीसीसीएल और डीजीएमएस की भूमिका की समीक्षा की जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई हो। साथ ही भू-धंसान के कारण बंद पड़े धनबाद–बोकारो मुख्य सड़क मार्ग को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि आम लोगों को हो रही भारी परेशानी से राहत मिल सके।
भू-धंसान से बंद धनबाद–बोकारो मुख्य मार्ग को जल्द चालू करने की मांग, बीसीसीएल–डीजीएमएस पर गंभीर आरोप


