जामताड़ा: जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत दलाबड़ गांव में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश एक गरीब परिवार के लिए आफत बनकर टूट पड़ी। बीती रात तेज बारिश के कारण निरोध मंडल का मिट्टी की ईंट और खपरैल से बना गोहाल अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य गोहाल के अंदर नहीं सो रहे थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गोहाल गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मलबे के नीचे फंसी गाय, बछड़ा और बकरियों को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, इस घटना में पशुओं के लिए रखा भूसा, खली और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
पीड़ित निरोध मंडल ने बताया कि यही उनका एकमात्र गोहाल था, जिसमें वे अपने गाय-भैंस और अन्य मवेशियों को रखते थे। उन्होंने कहा कि लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण मिट्टी की लेपन वाली दीवारों में पानी भर गया था और दीवारें कमजोर हो गई थीं। रात में अचानक गोहाल गिरने के बाद मवेशियों के जोर-जोर से चिल्लाने पर उनकी नींद खुली।
निरोध मंडल ने बताया कि भगवान की कृपा रही कि परिवार का कोई सदस्य गोहाल के अंदर नहीं सो रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। अब उनके सामने मवेशियों को रखने की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
उनकी पत्नी हेमलता मंडल ने बताया कि मिट्टी की ईंट की जोड़ाई और मिट्टी के लेपन से बना पूरा ढांचा लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गया था। घटना में परिवार को करीब 30 से 40 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
बताया जाता है कि निरोध मंडल दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका दूसरा रहने वाला घर भी मिट्टी का बना हुआ है, जिसकी स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है और लगातार बारिश के बीच उसके गिरने का खतरा बना हुआ है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मामले का तत्काल सर्वे कराने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है।
रिपोर्ट: संतोष कुमार | लोकेशन: जामताड़ा





