बोकारो। बोकारो सदर अस्पताल के पास शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब करीब तीन साल का एक मासूम बच्चा अकेले इधर-उधर भटकता हुआ मिला। बच्चा अपने घर और परिजनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। ऐसे में वहां मौजूद कुछ युवकों ने मानवता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बच्चे को सुरक्षित अपने साथ लिया और उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार युवकों की तत्परता रंग लाई और बच्चे को सकुशल उसके परिवार से मिला दिया गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह सदर अस्पताल के आसपास कुछ युवकों की नजर एक छोटे बच्चे पर पड़ी, जो अकेले इधर-उधर घूम रहा था। बच्चे की उम्र करीब तीन वर्ष बताई जा रही है। युवकों को जब लगा कि बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया है, तो उन्होंने उससे उसके घर, माता-पिता और अन्य परिजनों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। हालांकि, कम उम्र होने के कारण बच्चा अपने घर का पता या परिजनों की सही जानकारी नहीं बता सका।
इसके बाद युवकों ने बच्चे को सुरक्षित अपने साथ रखा और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। बच्चे को पास की एक चाय दुकान के समीप ले जाकर वहां मौजूद लोगों से उसके बारे में जानकारी जुटाई गई। काफी देर तक खोजबीन और पूछताछ के बाद पता चला कि बच्चा पास की झोपड़पट्टी में रहने वाले पवन कुमार का नाती है।
जानकारी मिलते ही युवकों ने पवन कुमार और उनके परिवार से संपर्क किया। सूचना पाकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को पहचान लिया। अपने मासूम को सकुशल देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
परिजनों के अनुसार, बच्चा बीती रात परिवार के साथ एक निजी उत्सव में आया था। सुबह खेलते-खेलते वह परिवार की नजरों से ओझल हो गया और घर से बाहर निकलकर सदर अस्पताल के आसपास पहुंच गया। परिवार को यह पता ही नहीं चल सका कि बच्चा कब और कैसे वहां तक पहुंच गया।
बच्चे के सकुशल परिजनों से मिलने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली। वहीं, मासूम को सुरक्षित रखने और उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले युवकों की तत्परता और मानवता की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। समय रहते युवकों की सजगता से एक परिवार को बड़ी चिंता से राहत मिल गई।






