बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। सहरसा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आंदोलन कर सरकार और आयोग के सामने अपनी विभिन्न मांगें रखीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE-4 का विज्ञापन जारी होना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग TRE-4 की परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित कराने की है। छात्रों का कहना है कि पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षा एक चरण में आयोजित की गई थी। ऐसे में TRE-4 में भी इसी व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़े।
इसके अलावा अभ्यर्थी नो नेगेटिव मार्किंग की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि गलत उत्तर के लिए अंक काटने की व्यवस्था से परीक्षा में अनावश्यक दबाव बढ़ता है। यदि नेगेटिव मार्किंग समाप्त की जाती है तो अभ्यर्थी बेहतर तरीके से अपनी तैयारी और ज्ञान के आधार पर परीक्षा दे सकेंगे।
आंदोलनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि शिक्षक भर्ती में सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया स्पष्ट एवं निष्पक्ष तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों की मांग केवल TRE-4 तक सीमित नहीं है। उन्होंने BSSC की लंबित परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित करने की भी मांग की है। छात्रों का कहना है कि कई परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसके कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने पर अभ्यर्थियों ने संतोष जताया है, लेकिन उनका कहना है कि एक चरण में परीक्षा, नो नेगेटिव मार्किंग, लंबित परीक्षाओं की तारीख और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर ठोस फैसला होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।





