पलामू / झारखंड से खबर है, जहां नावा बाजार के तुकबेरा स्थित रोजवेली आवासीय पब्लिक विद्यालय में 22 अप्रैल 2026 को विश्व पृथ्वी दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस मौके पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया और छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण अभियान से हुई, जिसमें विद्यालय परिवार के साथ छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने गीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से धरती को बचाने और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर प्रोफेसर सुरेंद्र पांडे ने छात्रों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी दिवस हमें धरती के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है, जहां जीवन संभव है और हमें शुद्ध वायु, जल और भोजन प्राप्त होता है, इसलिए इसका संरक्षण हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
उन्होंने विश्व पृथ्वी दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1970 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन द्वारा की गई थी, जो आज एक वैश्विक अभियान बन चुका है। इस दिन के माध्यम से पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण से जुड़ी वर्तमान समस्याओं जैसे प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट, वनों की कटाई और जैव विविधता के ह्रास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि अनियंत्रित विकास और प्रकृति के प्रति लापरवाही के कारण मानव जीवन खतरे में पड़ता जा रहा है।
साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A (g) के तहत पर्यावरण संरक्षण को राज्य और नागरिकों का कर्तव्य बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षक जितेंद्र कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अंत में सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया।
संवाददाता – सत्यम शुक्ला, पलामू
