बोकारो से बड़ी खबर है, जहां बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत कर्मी धीरेन चंद्र शर्मा की इलाज के दौरान मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक धीरेन चंद्र शर्मा लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों का आरोप है कि उनकी गंभीर हालत के बावजूद प्रबंधन द्वारा उन पर लगातार ड्यूटी करने का दबाव बनाया गया, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पहले बेहतर इलाज के लिए CMC वेल्लोर भेजा गया था, जहां इलाज के बाद उन्हें फिट घोषित कर दोबारा नौकरी पर लगा दिया गया।
परिजनों का कहना है कि इलाज के बाद भी उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई थी, इसके बावजूद उन्हें काम पर लगाया गया। इतना ही नहीं, जब दोबारा इलाज के लिए वेल्लोर जाने की जरूरत पड़ी, तो जिला स्तर पर उन्हें जाने से रोक दिया गया। इसके बाद उनकी हालत लगातार खराब होती गई।
रविवार को अचानक घर में गिरकर बेहोश होने के बाद उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में करीब दो घंटे तक इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद परिजनों ने भाजपा धनबाद सांसद प्रतिनिधि मनोज सिंह के नेतृत्व में अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डॉक्टर विभूति करुणामय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
फिलहाल परिजन मृतक के आश्रित को नौकरी देने और दोषी डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, बोकारो स्टील प्रबंधन ने मामले की जांच कर जल्द उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
संवाददाता – चंदन सिंह, बोकारो
