सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित पुरानी बस स्टैंड के पास बीती रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कपड़ा, जूता-चप्पल की दुकान चलाने वाले व्यवसायी देवानंद गुप्ता की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया।
पीड़ित दुकानदार के अनुसार, चोरों ने बेहद शातिर तरीके से दुकान के ऊपर लगे एल्बेस्टर को उखाड़ा और अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद उन्होंने दुकान में रखे महंगे कपड़े, जूते-चप्पल के साथ-साथ गल्ले में रखे करीब 5000 रुपये नकद भी चोरी कर लिए। सुबह जब दुकान मालिक दुकान खोलने पहुंचे, तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए।
इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दुकान के ठीक पास नगर निगम द्वारा लगाया गया एक बड़ा रोटेटिंग सीसीटीवी कैमरा मौजूद है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भरोसा था कि यह कैमरा सुरक्षा की दृष्टि से काफी मददगार साबित होगा। लेकिन जब देवानंद गुप्ता नगर निगम कार्यालय पहुंचे और फुटेज की मांग की, तो कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि कैमरा फिलहाल बंद है।
इस खुलासे के बाद इलाके के व्यापारियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब कैमरे काम ही नहीं कर रहे, तो इन्हें लगाने का क्या औचित्य है। यह सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है।
फिलहाल, पीड़ित दुकानदार ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही चोरों को पकड़ने का दावा कर रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर नगर निगम की लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? अगर कैमरे चालू होते, तो शायद इस चोरी का खुलासा तुरंत हो सकता था। ऐसे में प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
