बिहार में एक बार फिर से बम की धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को पूर्णिया, हाजीपुर और किशनगंज के कोर्ट परिसरों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तीनों जिलों में पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तुरंत सक्रिय कर दिया गया।
पूर्णिया सिविल कोर्ट में जैसे ही धमकी वाला ईमेल मिला, अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोर्ट में मौजूद कर्मचारी और वकील एहतियातन बाहर निकलने लगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने पूरे परिसर को खाली कराकर सघन जांच शुरू कर दी। बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंचा और हर कोने की तलाशी ली गई।
वहीं वैशाली जिले के हाजीपुर कोर्ट को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई। वकीलों, कर्मचारियों और आसपास के दुकानदारों को भी बाहर निकालकर पूरे क्षेत्र को खाली कराया गया, ताकि जांच में किसी तरह की चूक न हो।
सीमांचल के किशनगंज में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। यहां के सिविल कोर्ट को धमकी मिलने के बाद तुरंत परिसर खाली कराया गया और पुलिस के साथ बम स्क्वायड ने सर्च ऑपरेशन चलाया।
लगातार मिल रही इन धमकियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश तिवारी का कहना है कि बार-बार ईमेल के जरिए मिल रही धमकियों से यह संकेत मिलता है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसकी गंभीर जांच जरूरी है।
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार विधानसभा को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ऐसे में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल सभी जगहों पर जांच जारी है और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
