कटिहार से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा अचानक स्थगित किए जाने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को दोपहर 2 बजे ‘स्वच्छता’ विषय की परीक्षा आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से महज कुछ देर पहले, करीब 12:45 बजे नोटिफिकेशन जारी कर इसे रद्द कर दिया गया। इस फैसले से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और शहर के प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कटिहार-गेड़ाबाड़ी मार्ग और डीएस कॉलेज रोड को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। सड़क पर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग गईं और भीषण गर्मी में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 300 परीक्षार्थी इस अव्यवस्था से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान नजर आए।
छात्रों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है। बिहपुर से परीक्षा देने आए छात्र राजा कुमार ने बताया कि यह तीसरी बार है जब परीक्षा ऐन मौके पर रद्द की गई है। उनका कहना है कि हर बार विश्वविद्यालय प्रशासन किसी न किसी बहाने से परीक्षा टाल देता है। इस बार छात्रों को बताया गया कि प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की कमी के कारण परीक्षा स्थगित की गई है, जिसे लेकर छात्रों ने सवाल उठाए कि आखिर आखिरी समय में ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद छात्रों को शांत कराया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हस्तक्षेप करते हुए छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही नई तिथि घोषित कर परीक्षा आयोजित की जाएगी।
हालांकि, प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना ने जिले की परीक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
