बिहार के गोपालगंज जिले के सिधवलिया प्रखंड से एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है, जहां अधिसूचित अंचलाधिकारी प्रीतिलता और 10 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया रंजन यादव के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर अंचलाधिकारी प्रीतिलता सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के बहाने भूमाफिया को लाभ पहुंचाने और विभागीय कार्रवाई से बचाने की बात करती सुनाई दे रही हैं। हालांकि यह ऑडियो करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है, लेकिन हाल के दिनों में इसके वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए प्रीतिलता के खिलाफ 24 घंटे के अंदर स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। डीएम ने इस पूरे प्रकरण को सरकारी जमीन की बंदरबांट का सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए इसे लोकसेवक आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि रंजन यादव एक कुख्यात अपराधी है, जो सुरेश यादव हत्याकांड में फरार चल रहा है। यह हत्या पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई थी। गोपालगंज पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।

डीएम ने अपने सख्त बयान में कहा कि सरकारी भूमि की रक्षा करना अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए अपराधी से सांठगांठ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे आचार नियमावली 1973 के नियम-3 का उल्लंघन बताया।

फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रीतिलता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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