झारखंड के जामताड़ा जिले में शनिवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पशुपालन विभाग परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में लाभुकों के बीच सूअर, भेड़ और बकरियों का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपायुक्त रवि आनंद और जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा मौजूद रहीं। दोनों अतिथियों ने स्वयं लाभुकों को पशु सौंपते हुए योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
उपायुक्त रवि आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि पशुपालन एक ऐसा क्षेत्र है, जो कम लागत में अधिक आय का साधन बन सकता है। उन्होंने लाभुकों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस योजना का सही तरीके से लाभ उठाकर वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकते हैं।
वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने भी लाभुकों से पशुपालन को गंभीरता से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ पशु वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लोगों को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि लाभुकों को समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जाएगी, ताकि वे पशुपालन को बेहतर तरीके से कर सकें और अधिक लाभ कमा सकें।
लाभुकों ने सरकार की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम पूरे उत्साह और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ, जहां ग्रामीणों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास देखने को मिला।
