एक ओर सरकार यह दावा कर रही है कि राज्य में किसी भी बेटी की शादी में रसोई गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। भागलपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है और व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर रही है।
दरअसल, भागलपुर के मारूफचक अंबई की रहने वाली सुनीता देवी इन दिनों अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरी चिंता में हैं। 17 अप्रैल को उनकी बेटी संगीता की शादी तय है, लेकिन शादी के इस महत्वपूर्ण मौके पर भी उन्हें रसोई गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
सुनीता देवी एक हाथ में अपनी बेटी की शादी का कार्ड और दूसरे हाथ में गैस कनेक्शन के लिए आवेदन लेकर लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। उनकी आंखों में चिंता साफ झलक रही है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है।
उन्होंने बताया कि शादी का समय नजदीक है और ऐसे में खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरत के लिए गैस का इंतजाम नहीं होना पूरे परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। परिवार के लोग भी चिंता में हैं कि आखिर शादी जैसे बड़े आयोजन को बिना गैस के कैसे पूरा किया जाएगा।
यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब सरकार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि किसी भी बेटी की शादी में गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर जमीनी स्तर पर इन दावों को अमल में क्यों नहीं लाया जा रहा है।
सुनीता देवी ने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी बेटी की शादी बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस भावुक अपील पर कब तक संज्ञान लेता है और इस परिवार की परेशानी कब दूर होती है।
