बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां दो हत्याओं के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने अनुमंडलीय अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे वहां के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि डॉक्टरों ने अस्पताल में ड्यूटी करने से साफ इनकार कर दिया है
दरअसल, गुरुवार की सुबह फारबिसगंज के मार्केटिंग यार्ड परिसर में एक पिकअप वाहन चालक की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया। घटना से नाराज लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।
दोहरी हत्या की इस घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर आगजनी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान भीड़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच गई और वहां जमकर तोड़फोड़ की। अस्पताल में लगे कई जरूरी उपकरण, फर्नीचर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया।
अस्पताल में मौजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। इस दौरान एक नर्स के घायल होने की भी खबर है।
अस्पताल के डॉक्टर विशाल ठाकुर ने बताया कि जिस तरह से भीड़ ने हिंसक रूप अपनाया, उससे सभी स्वास्थ्यकर्मी भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में काम करना संभव नहीं है और सभी डॉक्टरों ने फिलहाल अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी नहीं करने का निर्णय लिया है।
डॉक्टरों का कहना है कि वे अब अररिया सदर अस्पताल में अपनी सेवा देंगे।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को शांत कराने में जुटा है, लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
